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Sunday, September 25, 2022
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इशरतजहां मुठभेड़ के जांचकर्ता आईपीएस सतीश वर्मा बर्खास्त, हाई कोर्ट ने लगाई रोक, सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

अहमदाबाद, 13 सितंबर। गुजरात में इशरतजहां मुठभेड़ मामले की जांच करने वाले गुजरात कैडर के एक और आईपीएस अधिकारी सतीश वर्मा को केन्द्र सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सतीश वर्मा की बर्खास्तगी के आदेश पर 19 सितंबर तक रोक लगा दी है। वर्मा को 30 सितंबर को ही सेवानिवृत्त होने वाले थे। वर्मा ने बर्खास्तगी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

दरअसल, अहमदाबाद के कोटरपुर वाटरवर्क्स के पास 15 जून, 2004 को एक पुलिस मुठभेड़ में इशरतजहां के साथ जावेद, जीशान और प्रणेश मारे गए थे। उस वक्त पुलिस का दावा था कि यह आतंकवादी थे। गुजरात हाई कोर्ट में इशरत की मां समीमा कौसर ने सीबीआई मांग की थी कि उनकी बेटी इशरत समेत चारों को पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में मारा है। गुजरात हाई कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए पहले एसआईटी गठित की और बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी थी।

गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी सतीश वर्मा इसकी जांच में विशेष जांच दल और सीबीआई जांच के सदस्य थे। उनके जांच के काम करने के तरीके पर राज्य सरकार को आपत्ति थी। सरकार ने उन पर आरोप लगाया कि सतीश वर्मा मामले की गुण-दोष के आधार पर जांच करने के बजाय एक छिपे हुए एजेंडे के साथ विशिष्ट लोगों को निशाना बना रहे हैं।

वर्ष 2014 में केन्द्र में भाजपा की बनने के बाद सतीश वर्मा को गुजरात से शिलांग में प्रतिनियुक्ति पर स्थानांतरित कर दिया गया था। उसके बाद गुजरात सरकार ने उनके खिलाफ कई विभागीय जांच शुरू की और उन्हें इस संबंध में नोटिस भी जारी किया था। वर्मा ने अपने खिलाफ की जा रही विभागीय जांच को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि जब तक मामला कोर्ट में विचाराधीन है तब तक सरकार को वर्मा के खिलाफ कोई अंतिम कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।

सतीश वर्मा 30 सितंबर 2022 को सेवानिवृत्त होने वाले थे। इससे पहले ही केन्द्र सरकार ने 30 अगस्त को सतीश वर्मा की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया था। केन्द्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट के ध्यान में लाया कि वर्मा के खिलाफ विभागीय जांच पूरी हो चुकी है और दोषी पाए जाने पर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। इस आदेश के खिलाफ वर्मा ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर कोर्ट ने 6 सितंबर को एक आदेश पारित कर सतीश वर्मा को अंतरिम राहत देते हुए उनकी बर्खास्तगी पर 19 सितंबर तक रोक लगा दी। अब सतीश वर्मा ने अपने बर्खास्तगी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार के खिलाफ लड़ाई में बर्खास्त होने वाले वर्मा दूसरे अधिकारी हैं। इससे पहले संजीव भट्ट को भी बर्खास्त किया गया था और फिलहाल वे जेल में हैं।

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