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Thursday, December 8, 2022
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व्यवसाय करने के लिए एलडीबी, यूपीसीबी में तीन प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध

लखनऊ, 18 नवम्बर। अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के पांचवें दिन उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि0 द्वारा ‘युवा, महिला, कमजोर वर्ग और स्वास्थ्य के लिए सहकारिता’ विषय पर आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता कार्यालय के सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव सहकारिता बी0एल0मीणा ने सहकारिता के माध्यम से युवा, महिला, कमजोर वर्ग के लिए चलायी जा रही योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जो सहकारिता विभाग की योजनायें चल रही हैं उन योजनाओं का संचालन गांव, गरीब, महिलाओं और युवाओं के लिए किया जा रहा है, जिसको बेहतर करना हम सब की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि बहुत से युवा सहकारिता से जुड़ रहे हैं, आगे और युवाओं को जोड़ने की आवश्यकता है। श्री मीणा ने कहा कि अमूल का मॉडल महिलाओं का ही है। कमजोर वर्ग के लिए एलडीबी, यूपीसीबी में 03 प्रतिशत ब्याज पर व्यवसाय करने के लिए ऋण उपलब्ध है जिनसे युवा लाभ उठा सकते हैं।

गोष्ठी के मुुख्य वक्ता डा. अर्पित शैलेष ने अपने सम्बोधन में बताया कि समाज में कमजोर वर्ग को सहकारिता में जोड़ने से लाभ मिलेगा। सहकारिता के माध्यम से कमजोर वर्ग को प्रशिक्षित कर उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए सहकारिता एक सशक्त माध्यम है। आज के बहुसंख्यक युवा वर्ग को सहकारिता से जोड़कर उनको प्रोत्साहित करना चाहिए। सहकारिता की विभिन्न योजनाएं कमजोर वर्ग के युवाओं तक जानी चाहिए। इसके लिए कौशल विकास केन्द्र के माध्यम से उनको जोड़ा जा सकता है।

सहकारिता के माध्यम से रोडमैप तैयार कर युवाओं को बढ़ावा देना चाहिए। सहकारिता में महिलाओं को जोड़कर उनके उत्थान के लिए काम करना चाहिए इससे गांव से शहर की ओर होने वाला पलायन रूकेगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में महिलाओं का विशेष योगदान रहा है। नर्सिंग स्टाफ के माध्यम से महिलायें सेवा कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं, जिनको गाँव तक और विस्तृत किया जाना चाहिए। यह सहकारिता के माध्यम से सम्भव हो सकता है। महिलायें स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सजग रहती हैं इसलिए उनको शिक्षित करना समाज की जिम्मेदारी है।

गोष्ठी में अपर आयुक्त एवं अपर निबन्धक (प्रशासन) के0पी0 सिंह ने कहा कि देश-प्रदेश में समाज का एक बड़ा हिस्सा कमजोर वर्ग का है और कमजोर वर्ग से ही समाज बनता है। इस कमजोर वर्ग को सहकारिता से जोड़ने से उनका उत्थान होगा जिससे सहकारिता को लाभ मिलेगा। सहकारिता को शिक्षा में शामिल किया जाना चाहिए तथा कमजोर वर्ग को सहकारिता की शिक्षा दी जानी चाहिए।

सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक वैशाली ने युवा, महिला, कमजोर वर्ग और स्वास्थ्य के लिए सहकारिता पर प्रकाश डाला। आज की गोष्ठी में ए.आई.एफ. योजना के माध्यम से नॉन पैक्स एवं पैक्स के लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

सभापति यूपीसीएलडीएफ वीरेन्द्र कुमार तिवारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज की सहकारी संस्थायें दिन-प्रतिदिन तरक्की कर रही हैं। प्रमुख सचिव, सहकारिता को और आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहे हैं। सरकार भी गांव, गरीब, युवा और कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए योजनायें संचालित कर रही है।

गोष्ठी में अपर आयुक्त एवं अपर निबन्धक (बैंकिंग) बी.चन्द्रकला, अपर आयुक्त राम प्रकाश, प्रबन्ध निदेशक सी.एल.डी.एफ., ए0के0 सिंह तथा विभाग के उप निबन्धक, सहायक निबन्धक एवं कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे।

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