22.1 C
New Delhi
Tuesday, December 6, 2022
Homeअन्य राज्यबिहार हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत सीएचओ के कार्यों की समीक्षा

 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत सीएचओ के कार्यों की समीक्षा

अररिया 11 नवंबर जिले के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर कार्यरत कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर व स्टॉफ-नर्स के कार्यों की मासिक समीक्षात्मक बैठक शुक्रवार को हुई। समाहरणालय स्थित परमान सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त मनोज कुमार ने की। बैठक में सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह, डीपीएम स्वास्थ्य रेहान अशरफ, सहयोगी संस्था जपायगो के कार्यक्रम समन्वयक डॉ याकूब मुज्जफर, डीसीक्यूए डॉ मधुलता सहित सभी एचडब्लयूसी में कार्यरत सीएचओ सहित अन्य कर्मियों ने भाग लिया। समीक्षात्मक बैठक में सीएचओ से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए डीडीसी मनोज कुमार ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर कई जरूरी दिशा निर्देश दिये।

डीडीसी मनोज कुमार ने कहा कि वेलनेस सेंटरों पर साफ-सफाई का बेहतर इंतजाम सुनिश्चित कराया जाये। ताकि इलाज के लिये आने वाले मरीजों को वहां बेहतर माहौल उपलब्ध हो सके। बिंदुवार सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर चर्चा करते हुए डीडीसी ने वेलनेस सेंटर के पोषक क्षेत्र के अंतर्गत सभी गर्भवती महिलाओं की अद्यतन सूची तैयार कर ससमय एएनसी जांच सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने योग्य दंपतियों को आवश्यक काउंसिलिंग के लिये महीने में एक बार बैठक आयोजित कर परिवार नियोजन संबंधी उपायों पर विस्तृत चर्चा करने का निर्देश दिया। नशापान के बढ़ते चलन को देखते हुए इस कारण मानसिक रोग के बढ़ते मामलों पर प्रभावी नियंत्रित को लेकर भी उन्होंने जरूरी निर्देश दिये।

सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने वेलनेस सेंटर के माध्यम से एनसीडी सेवाओं के प्रभावी संचालन का निर्देश सभी सीएचओ को दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता संबंधी उपायों को बढ़ावा देकर आम लोगों को कई गंभीर रोग के खतरों से बचाया जा सकता है। इसलिये क्षेत्र के लोगों को विभिन्न रोग के कारण व बचाव संबंधी उपायों के प्रति जागरूक करने का निर्देश उन्होंने दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में हमारे प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है। इसे और बेहतर किया जा सकता है। इसके लिये सामूहिक प्रयास जरूरी है।

डीपीएम स्वास्थ्य रेहान अशरफ ने कहा कि वेलनेस सेंटर गैर संचारी रोगों के प्रबंधन में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का नियमित संचालन, योग व मेडिटेशन संबंधी गतिविधि, ओपीडी व एनसीडी सेवा के तहत अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कराया जा सकता है। उन्होंने बढ़ते ठंड को देखते हुए हाइपरटेंशन व डायबिटीज के मरीजों की समुचित निगरानी सहित हृदय रोग, कैंसर रोग के स्क्रीनिंग को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआती लक्षणों के आधार पर रोग की पहचान व इसके उपचार में वेलनेस सेंटर की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने सभी वेलनेस सेंटर पर हर दिन कम से कम 40 ओपीडी व 10 एनसीडी जांच का सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।

RELATED ARTICLES

Leave a Reply

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments