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Wednesday, September 28, 2022
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आढ़ती एसोसिएशन ने पांचवे दिन हड़ताल जारी रखते हुए सरकार के खिलाफ बिगुल बजाए रखा

सरकार के खिलाफ आढ़ती रोष व्यक्त करते नारेबाजी करते हुए।

– आढ़तियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समाधान की मांग की

गन्नौर। अनाज मंडी में आढ़ती एसोसिएशन की तरफ से लगातार पांचवे दिन अनाज मंडी में हड़ताल जारी रखते हुए सरकार के खिलाफ बिगुल बजाए रखा। आढ़तियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करके रोष प्रकट किया। आढ़तियों ने एसोसिएशन के प्रधान राजेश जैन व सचिव अनिल  कौशिक के नेतृत्व चेताया कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नही होता वे हड़ताल जारी रखेगे। आढ़तियों ने चेतावनी दी है कि सरकार ने मांगें नहीं मानी तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन के लिए हो सकती है। विरोध जता रहे आढ़तियों ने किसानों से अपील की है कि जब तक आढ़ती हड़ताल पर हैं तब तक मंडियों में अपनी फसल लेकर ना आए। फसल की खरीद नहीं होगी। किसान अपनी सुविधा के लिए मंडी में धान को उतार सकते है। मंडी प्रधान राजेश व सचिव अनिल कौशिक ने कहा कि आढ़तियों की मांगे हैं कि किसानों की सभी फसलें सरकार द्वारा एमएसपी पर आढ़तियों के माध्यम से ही खरीदी जाए और आढ़त पूरी 2.5 प्रतिशत मिलनी चाहिए। पिछले वर्ष से ही एमएसपी का भुगतान सीधे किसानों को दिया जाने लगा है। इससे आढ़तियों के साथ-साथ किसानों में बहुत रोष है। सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली सभी फसलों का भुगतान किसान की इच्छा अनुसार आढ़ती या किसान के स्वयं के खाते में अदा किया जाना चाहिए। आढ़ती महाबीर चिरस्मी ने बताया कि ई-नेम अभी कुछ दिन हुए मार्केटिंग बोर्ड ने आई-नेम लागू करने के लिए आदेश जारी किया है। आढ़तियों की मांग है कि प्राइवेट बिकने वाली फसलों पर यह प्रक्रिया लागू नहीं हो सकती। मंडियों में आने वाली फसलें एक तरह से कच्चा माल है। इसलिए यह प्रक्रिया हमारी मंडियों में लागू न की जाए। धान पर मार्केट व एचआरडीएफ फीस 4 प्रतिशत से एक प्रतिशत की जाए। आढ़तियों की मांगे हैं कि वर्ष 2020 में धान पर मार्केट व एचआरडीएफ फीस 4 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर दी थी, परंतु अभी फिर से विभाग ने यह फीस 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दी है। दूसरे प्रदेशों में टैक्स कम होने के कारण व्यापारी हरियाणा की बजाए दूसरे प्रदेशों से धान खरीद रहे हैं। इससे हरियाणा के किसानों को धान के दाम कम मिल रहे हैं। सरकार इसे दोबारा 4 प्रतिशत की बजाए 1 प्रतिशत कर दिया जाए। इस मौके पर महाबीर चिरस्मी, सुरेश बत्रा, कृष्ण गोयल पूर्व चेयरमैन, रामफल जिंदल, अमित जिंदल, सुरेन्द्र गोयल, विनोद जैन, अशोक शर्मा, बिजेन्द्र शर्मा, मोहनलाल कंसल, रविन्द्र सरढ़ाणा, प्रेम गोयल, जगबीर छौक्कर आदि मौजूद थे।

पिछल्ले साल 13 हजार 170 किं आवक हुई तो अब नए सीजन में 20 हजार किं बिक चुकी है : सचिव
मार्किट कमेटी की सचिव आशा रानी ने बताया कि पिछल्ले साल इस समय तक धान की आवक 13 हजार 170 किंवटल हुई थी। अब नए सीजन में धान 20 हजार किंवटल बिक चुकी है। सचिव ने बताया कि आढ़तियों की हड़ताल के कारण धान की आवक कम हुई है।

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